कफ सिरपः भारत के हरियाणा में बने कफ सीरप से अफ्रीका के गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत, मचा हड़कम्प ,फैक्ट्री पर Raid, WHO ने दी चेतावनी



कफ सिरपः भारत के हरियाणा में बने कफ सीरप से अफ्रीका के गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत, मचा हड़कम्प ,फैक्ट्री पर Raid, WHO ने दी चेतावनी


अफ्रीका के गाम्बिया देश में 66 बच्चों की मौत के बाद हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली स्थित मेडेन फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ताला बंद कर जांच में जुटी टीमों की कार्रवाई के दौरान पत्रकारों समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति को कंपनी के अंदर नहीं जाने दिया गया। दिनभर चर्चा रही कि अधिकारियों को जांच में सहयोग नहीं मिला, जिसक वजह से सैंपल लेने से लेकर दस्तावेज जुटाने तक में अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ी। शाम को पुलिस टीम भी कंपनी के बाहर पहुंची। 

कफ सिरप कंपनी की स्थापना वर्ष 1990 में हुई थी। कंपनी से कफ सिरप की सप्लाई विदेशों में की जाती है। ड्रग एसोसिएशन ने मेडिकल कंपनी की सभी दवाओं की जांच रिपोर्ट आने तक बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही यदि किसी बाजार में कहीं ऐसी दवाइयां हैं तो उन्हें वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी के दोनों निदेशक नरेश गोयल और विवेक गोयल दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

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वह दोनों ही मौके पर नहीं पहुंचे। कंपनी के मैनेजर और फार्मासिस्ट भी मौके पर नहीं मिले। ऐसे में जांच टीम को कागजात जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने इन दवाइयों के निर्माण के लिए साल्ट कहां से लिया था और इनकी लैब टेस्ट रिपोर्ट, बैच नंबर की टेस्ट रिपोर्ट और निर्यात से पहले अंतिम जांच रिपोर्ट से संबंधित कागजात अधिकारी जुटा रहे हैं। अधिकारियों ने फोन पर कहा कि कफ सिरप के सेवन से मौत होने की पुष्टि वह नहीं कर रहे। जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा होगा। गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई है।




कंपनी के बाहर पुलिस टीम भी खड़ी की गई 

कार्रवाई शुरू होने के बाद दिनभर दवा कंपनी के दरवाजे अंदर से बंद रहे। आसपास की कंपनी वालों को भी दिनभर कार्रवाई की भनक नहीं लगी। कंपनी का प्लांट कुंडली में 1992 के आसपास शुरू हुआ था। इसमें 50 से ज्यादा प्रकार की दवाइयों को तैयार किया जाता है। कंपनी ने इन दवाइयों के निर्यात का लाइसेंस लिया हुआ है। शाम को कुंडली थाने की टीम भी फैक्टरी पहुंची। टीम को बाहर तैनात किया गया है।

हरियाणा में बने चार कफ सीरप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दावा हुआ है कि इन कफ सीरप की वजह से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हो गई है. सीरप में डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है. बच्चों की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारत में बनीं सर्दी-जुकाम की चार सीरप को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. पूरे विवाद पर भारत ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. 



5 पॉइंट में समझते हैं कि आखिर ये पूरा विवाद है क्या-


1. हरियाणा के सोनीपत में मेडेन फार्मास्यूटिकल (Maiden Pharmaceuticals) ने प्रोमिथैजीन ओरल सॉल्यूशन (Promethazine Oral Solution), कोफेक्समैलिन बेबी कफ सीरप (Kofexmalin Baby Cough Syrup), मेकऑफ बेबी कफ सीरप (Makoff Baby Cough Syrup) और मैगरिप एन कोल्ड सीरप (Magrip N Cold Syrup) बनाया है. इन चारों ही सीरप को गाम्बिया में निर्यात किया गया था. लेकिन WHO के मुताबिक इन सीरप में डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल की मात्रा ज्यादा निकली है, बच्चों की मौत का भी ये एक बड़ा कारण माना जा रहा है.




2. इस विवाद के बाद भारत सरकार की तरफ से इन चारों सीरप के सैंपल को टेस्टिंग के लिए रीजनल ड्रग टेस्टिंग लैब भेज दिया गया है. कोलकाता की सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी में भी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं. अभी तक रिजल्ट सामने नहीं आया है. नतीजे के आधार पर ही आगे की जांच करने की बात की जा रही है. 

3. राहत की बात ये भी है कि जिन चार कफ सीरप को लेकर WHO ने अलर्ट जारी किया है, वो सिर्फ निर्यात के लिए रखे गए हैं. भारत में उनका इस्तेमाल नहीं होता है. अभी तक इन सीरप को भारत में कही भी सेल नहीं किया गया है. जोर देकर कहा गया है कि ये सीरप सिर्फ गाम्बिया में एक्सपोर्ट किया गया था.


4. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी के लिए WHO के दावों को भी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है. साफ कहा गया है कि अभी तक गाम्बिया में हुई बच्चों की मौत का विस्तृत कारण नहीं बताया गया है. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि WHO ने CDSCO के साथ उन सीरप की डिटेल भी अब तक साझा नहीं की है.


5. Maiden में काम करने वाले एक डायरेक्टर नरेश कुमार गोयल ने रॉयटर्स को बताया है कि बच्चों की मौत वाली बात उन्हें गुरुवार को ही पता चली है. अभी पूरे मामले को समझने का प्रयास किया जा रहा है. हम लोग भारत में कुछ भी नहीं बेच रहे हैं. वहीं गाम्बिया की बात करें तो मेडिकल अधिकारियों ने जुलाई में तब अलर्ट जारी किया था, जब वहां किडनी की समस्या से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ने लगे थे. कुछ बच्चों की मौत भी हो चुकी थी. अब तक वहां 66 बच्चों की मौत हो चुकी है. इन मौतों में एक सा ही पैटर्न सामने आया था. और वो ये कि इन सारे बच्चों की उम्र 5 साल से कम थी और ये कफ सीरप लेने के 3 से 5 दिन बाद बीमार हो रहे थे.



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